Taurat Kitab Hindi Online

यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। चूंकि मूल तौरात मौजूद नहीं है, लेकिन तोराह का हिंदी अनुवाद बाजार में आसानी से उपलब्ध है। यहूदी तोराह (बाइबिल के पहले पांच पुस्तकें: उत्पत्ति, निर्गमन, लैव्यव्यवस्था, गिनती, व्यवस्थाविवरण) का हिंदी अनुवाद निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:

सावधानी: इस्लामी मान्यता के अनुसार आज उपलब्ध तोराह का हिंदी अनुवाद पूर्ण रूप से वह मूल तौरात नहीं है जो मूसा पर उतरी थी, क्योंकि उसमें मानवीय हस्तक्षेप हुआ है। फिर भी कुछ मुस्लिम विद्वान तुलनात्मक अध्ययन के लिए इसे पढ़ने की अनुमति देते हैं।


| विषय | तौरात (Taurat) | कुरान (Quran) | | :--- | :--- | :--- | | भाषा | मूलतः हिब्रू | मूलतः अरबी | | सबसे बड़ी कहानी | मूसा और इस्राएलियों का पलायन | मूसा का ज़िक्र अक्सर आता है, लेकिन केंद्र बिंदु एकेश्वरवाद | | कानून | 613 विस्तृत आज्ञाएँ (हलाखा) | सामान्य सिद्धांत (हलाल, हराम) | | वर्तमान स्थिति | यहूदी इसे मानते हैं, मुसलमान इसे बदला हुआ मानते हैं | सभी मुसलमान इसको अंतिम और अपरिवर्तित मानते हैं | taurat kitab hindi


Christians include the Taurat as the first five books of the Old Testament. They view it as the foundational history leading up to the arrival of Jesus (Isa).

For Hindi-speaking Jewish communities (estimated at 5,000–7,000 people), the Taurat Kitab Hindi serves multiple purposes: In Hindi translations

यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। इस्लामी विद्वानों का मानना है कि आज उपलब्ध तौरात (ओल्ड टेस्टामेंट) वह मूल ईश्वरीय किताब नहीं है जो मूसा पर उतरी थी। बल्कि, इसे एज्रा (Uzair) और अन्य लोगों ने दोबारा लिखा और उसमें परिवर्तन किया। इसे तहरीफ़-ए-तौरात (Torah की विकृति) कहते हैं।

इसके विपरीत, यहूदी और ईसाई विद्वानों का दावा है कि सदियों से मिलने वाली तोराह पांडुलिपियाँ (जैसे डेड सी स्क्रॉल) अत्यधिक सटीकता को साबित करती हैं। इस बहस के बावजूद, सभी तीनों अब्राहमिक धर्म तौरात को एक मूल स्रोत के रूप में स्वीकार करते हैं। taurat kitab hindi


In Hindi translations, the books of the Taurat are often transliterated from their Hebrew/English names or translated by meaning: