Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full

यह मंदिर भगवान पार्श्वनाथ (23वें तीर्थंकर) को समर्पित है।

अब यात्री आगे बढ़ता है। रास्ते में उसे कुमारपाल राजा की गुफा दिखती है। कहानी है कि राजा कुमारपाल सोलंकी ने 12वीं शताब्दी में पालीताना मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया था। वे स्वयं इसी गुफा में तपस्या करते थे। palitana 5 chaityavandan in hindi full

दूसरी चैत्यवंदन में हम कुमारपाल राजा जैसे पूर्वजों और आचार्यों को नमन करते हैं। यहाँ मंत्र पढ़ा जाता है: palitana 5 chaityavandan in hindi full

"जिन्होंने इस तीर्थ को बचाया, जिन्होंने इन मंदिरों का निर्माण कराया, जिनके श्रम से हम आज यहाँ खड़े हैं, उन सबको मेरा कोटि-कोटि नमन।" palitana 5 chaityavandan in hindi full

यह वंदन सिखाती है- कृतज्ञता ही मोक्ष का पहला द्वार है।

यहाँ पर पालीताना के पाँच चैत्यवंदन का पूरा पाठ हिंदी में प्रस्तुत है। ये सभी जैन धर्म में प्रसिद्ध और नियमित रूप से बोले जाने वाले चैत्यवंदन हैं।